बारिश के मौसम में हम अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर भी बारिश वाली शायरियां लगाते हैं और इसी के साथ में हम अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भी बारिश शायरी शेयर करते हैं। आपको भी पसंद है Barish Shayari पढ़ना, अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाना या फिर किसी के साथ में शेयर करना तो आप इस Barish Shayari in Hindi पोस्ट को पढ़ सकते हो। इस पोस्ट में आपको Barish Shayari, बारिश शायरी रोमांटिक, Barish shayari 2 line आदि पढ़ने के लिए मिल जाएगी।
इस पोस्ट में हमने 139 से भी ज्यादा बारिश शायरी आपके लिए लिखी है। हम चाहते हैं कि आप हमारे द्वारा लिखी गई इस बारिश शायरी पोस्ट को पढ़े और बारिश के मौसम में बारिश शायरी को आप अपनी प्रेमिका के साथ में शेयर भी करें। बारिश के मौसम में यह शायरियां लोगों के मूड को अच्छा करती है। आप इन शायरियों के द्वारा अपने मूड को अच्छा कर सकते हो।
Barish Shayari in Hindi

ठंडी हवा के झोंके, बारिश की फुहारें,
कैसे रोकें खुद को, जब यादें पुकारें।
बारिश की Har Ek बूँद में
सिर्फ और सिर्फ तेरा ही नाम है,
तू साथ नहीं फिर भी यह हर मौसम तेरी यादों के साथ में बहुत खास है।
ख्वाबों मे आई थी वो सावन की तरह,
भीग कर जागे तो सिर्फ तन्हा थे हम।

सावन की फुहारें जब चेहरे को छू जाती हैं,
तेरी यादें दिल में गहराई से बस जाती हैं।
मुझे ऐसा ही ज़िन्दगी का एक पल चाहिए,
प्यार से भरी बारिश हो और संग मुझे सिर्फ तू चाहिए।
मासूम मोहब्बत का बस इतना फसाना है,
कागज़ की हवेली है, बारिश का बहाना है.
Barish Shayari 2 Line Hindi

कुछ कहानियाँ भीग जाती हैं बेमौसम बारिश में,
जैसे तेरा नाम हर बारसात में याद आता है।
ए बारिश यूं ना सता मुझे अब वो,
हमसफर मेरा नहीं किसी और का हैं !!
बाहर आकर देखिए बारिश का नजारा
हवा है Bahut ठंडी और Aaj का ये मौसम भी है Bahut प्यारा !!

तमाम रात नहाया था शहर बारिश में
वो रंग उतर ही गए जो तो एक दिन उतरने वाले थे !!
बारिश से ज्यादा तासीर है तेरी यादों में,
हम अक्सर बंद कमरे मे
भी भीग जाते हैं !
Barish Shayari 2 Line love
कल रात मैंने भी अपने सारे ग़म आसमान को सुना दिए,
आज मैं चुप हूँ और आसमान बरस रहा है !

मुझे ऐसा ही जिन्दगी का हर एक पल चाहिए,
प्यार से भरी बारिश और संग तुम चाहिए !!
फितरत तो कुछ यूं भी हैहर एक इंसान की,
बारिश खत्म हो जाए तो फिर छतरी भी इंशान को बोझ लगती है.
चाहा था कि भीगें तेरी बारिश में हम
मगर अपने ही सुलगते हुए ख्वाबों में जले हैं।

मौसम है बारिश का,
और याद तुम्हारी आती है,
बारिश के हर करते से,
फरियाद तुम्हारी आती है.
सुहाने मौसम में Hamara
यह Dil कहीं भटक जाता है
उस गली में ही फिर से मेरा यह दिल अटक सा जाता है !!
बारिश और मोहब्बत दोनों ही यादगार होते हे
बारिश में तो जिस्म
भीगता हे Or मोहब्बत में आँखे !!

मौसम-ए-इश्क़ है
तू एक कहानी बन के आ
मेरे रू Ko भिगो दें जो तू Wo पानी बन के आ !!
मुझे ऐसा ही ज़िंदगी का हर एक पल चाहिए,
प्यार से भरी बारिश और संग तुम्हारा चाहिए।
पहली बारिश का नशा
ही कुछ अलग होता है,
पलकों को छूते ही सीधा दिल पर असर होता है।

सीने में समुन्दर के लावे सा सुलगता हूँ
मैं तेरी इनायत की बारिश को तरसता हूँ।
Barish shayari on life
सुना है बारिश में दुआ कुबूल होती है,
अगर इजाजत हो तो मांग लू तुम्हे।
उसकी भीगी जुल्फ़ों में
जब बारिश रुक जाती है,
दिल की धड़कनें और भी तेज़ हो जाती हैं।

शायद कोई ख्वाहिश रोती रहती है,
मेरे अन्दर बारिश होती रहती है !
उसने बारिश में भी
खिड़की खोलकर देखा नही,
भीगने वालो कल क्या क्या परेशानी हुई.
कहीं फिसल न जाओ जरा संभल के चलने का,
मौसम बारिश Ka भी है Or मोहब्बत का भी।

मिट्टी की खुशबू, हवा में घूम जाती है,
बारिश के महक से, आत्मा झूम जाती है।
तेरे प्रेम की बारिश हो,मैं जलमगन हो जाऊं,
तुम घटा बन चली आओ,मैं बादल बन जाऊं।
उस ने बारिश में भी
खिड़की को खोल के देखा नहीं।
भीगने वालो को क्या क्या परेशानी हुई।
मुझे मार ही ना डाले इन बादलों की साज़िश,
ये जब से बरस रहे हैं तुम याद आ रहे हो
सुना है कबुल होती है दुआ बारिश में,
इजाजत हो तो मांग लूं तुमको.
सब कहते है फिर से कर लो मोहब्बत,
अब आप ही बताओ भला दूसरी बारिश से
मिट्टी महकती है कभी.
बारिश की बुंदे भी क्या वफा निभाती हैं !
दूर आसमा से निकल कर,
जमी में मिल जाती हैं !
मोहब्बत तो वो बारिश है जिससे,
छूने की चाहत मैं हथेलियां तो गीली,
हो जाती है पर हाथ खा ली ही रह जाते है
तुम मेरे पास रहो न
इस बारिश के बंद होने तक…!
भला काग़ज़ की इतनी सारी कश्तियाँ हम तो क्यों बनाते हैं
न वो गलियाँ कहीं हैं और अब न वो बारिश का पानी है!
मासूम मोहब्बत का बस इतना फसाना है
कागज़ की हवेली है और यह बारिश का ज़माना है !!
कोई भी रंग Nahi होता है बारिश के Paani में
फिर भी फ़िज़ा को बारिश का
पानी रंगीन बना देता है !!
बारिश शायरी रोमांटिक इन हिंदी
सुनते रहते थे मोहब्बत के फसाने क्या क्या,
बूंद भर Dil पे ना बरसी ये
घटा कैसी थी.
मासूम मोहब्बत का बस इतना फसाना है,
कागज़ की हवेली है
बारिश का ज़माना है।
इस बारिश के मौसम में अजीब सी कशिश है !
ना चाहते हुए भी कोई शिदत से याद आता है !
जो कहता है कि धूप खुशियाँ लाती है
वह कभी बारिश में
नहीं नाचा ही नहीं
मुझे तुम्हारी बारिश की तरह जरूरत थी
लेकिन तुम गिरने से डरते थे।
कहीं फिसल न जाऊं मैं
भी तेरे ख्यालों में चलते चलते,
अपनी यादों को जरा तुम
रोको मेरे शहर में बारिश हो रही है।
ब्यूटीफुल बारिश शायरी
बारिश का मौसम भी बहुत ब्यूटीफुल होता है और आपको इस पोस्ट में भी बारिश के मौसम की जैसी ही ब्यूटीफुल शायरियां पढ़ने को मिल जाएगी।
वो बारिश ki ही to पहली याद थी ,
जो तुम्हारा कहा मुझे कुछ सुनाने आयी थी।
मैं वह शहरा जिसे
पानी की हवस ले डूबी,
तू वो बादल जो कभी
टूट कर बरसा ही नही.
भीगा रही है बारिशें इश्क़ में मुझे
ये मौसम दुआओं सा
कहीं बदल न जाए !!
ए बादल इतना बरस की नफ़रतें धुल जायें,
इंसानियत तरस गयी है प्यार पाने के लिये।
सावन के महीने में भीगे थे हम साथ में,
अब बिन मौसम भीग रहे है तेरी याद में !
कभी जी भरके बरसना, तो
कभी बूंद बूंद के लिए तरसाना,
ऐ बारिश, तेरी आदतें मेरे यार जैसी है.
बारिश और किसी की याद
ज्यादा आ जाए तो सैलाब आता है,
एक में बूंदों का दूसरों में आसुंओं का
ए बादल इतना बरस की नफरतें धुल जायें,
इंसानियत तरस गयी है सच्चे प्यार को पाने के लिये !
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आपने यह पोस्ट पढ़ा है तो हमें लगता है कि आपने इतनी अच्छी बारिश शायरियां अपनी जिंदगी में कहीं और अभी तक नहीं पढ़ी होगी। हमारी टीम जब भी शायरी पोस्ट बनाती है तो वह कड़ी मेहनत से बहुत बेहतरीन शायरियां लिखती है। आप लोग हमारी टीम की मेहनत को सफल करना चाहते हो तो आप इस पोस्ट को एक बार शेयर अवश्य करें।