Best 188+ घर की जिम्मेदारी पर शायरी | Ghar ki jimmedari shayari 2026

एक समय के बाद में हमारे ऊपर अपने घर की जिम्मेदारी आ जाती है। हमें अपने घर की जिम्मेदारी उठानी भी पड़ती है। यह जिम्मेदारी हमे समय से पहले ही बड़ा बना देती है। अगर आपके के भी ऊपर घर की जिम्मेदारी है तो आपको इस पोस्ट में Ghar ki jimmedari shayari जरूर से पढ़नी चाहिए। यह सब शायरियां आपको मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगी। घर की जिम्मेदारीयां इंसान को मजबूत बना देती है।

आपके कंधों पर भी आपके घर की जिम्मेदारी है तो आपको इस पोस्ट में हमारी टीम द्वारा लिखी गई लगभग 188 से भी ज्यादा घर की जिम्मेदारी पर शायरी पढ़ने के लिए मिल जाएगी। आप इस पोस्ट से एक अच्छी सी घर की जिम्मेदार की शायरी को चुनकर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर भी लगा सकती हो। आप चाहो तो इसे अपने फेसबुक प्रोफाइल पर भी शेयर कर सकते हो।

घर की जिम्मेदारी पर शायरी

Ghar ki jimmedari shayari

मजबूरियाँ देर रात तक जगाती है
साहेब और
जिम्मेदारियां सुबह जल्दी उठाती हे।

सपनों को मार कर जीवन की सच्चाई अपनानी पड़ी 😞
ज़िम्मेदारी ने नींद तक चुरानी पड़ी 🌙

छोटी उम्र में भी अपने ही पैरों पर खड़े हो जाते हैं,
ज़िम्मेदारियाँ हों सर पे तो बच्चे जल्द ही बड़े हो जाते हैं।

Ghar ki jimmedari shayari

किसी के भी कंधों पर घर की
जिम्मेदारी जब आती है
तो बचपन की वो मासूमियत कहीं पर खो जाती है !!

बड़ी नादान मुझे मेरी नादानियाँ लगती हैं
ना जाने क्यों बोझ घर की जिम्मेदारियाँ लगती हैं !!

घर की जरूरतों ने हमें जीना सिखा दिया
जिम्मेदारियों ने हर सपना भुला दिया !!

Ghar ki jimmedari shayari

अपने दर्द छुपाकर जो मुस्कुराते हैं
वही जिम्मेदार लोग कहलाते हैं !!

जिम्मेदारियों के सफर में हम बहुत थक तो जाते हैं
मगर अपनों की खातिर फिर संभल जाते हैं !!

बहाने बनाना बद करो दो
जिम्मेदारी लेना शुरू करो।

Ghar ki jimmedari shayari

जब सिर पर घर की जिम्मेदारी का बोझ आता है
तब ही एक इंसान अपने घर का असली मर्द कहलाता है !!

त्याग जीवन को खूबसूरत बनाता है,
और जिम्मेदारी घर को संभालकर रखती है।

परिवार की मुस्कान में ही उसकी खुशी बसती है,
जिम्मेदारी निभाने में ही उसकी
पूरी दुनिया बसती है।

Ghar ki jimmedari shayari

जो अपनों की खातिर अपनी नींद भी कुर्बान कर देता है,
वही परिवार का सच्चा
सहारा बन जाता है।

जिम्मेदारी को केवल बोझ मत समझना,
यह परिवार का
सबसे बड़ा भरोसा भी होती है।

जिम्मेदारियां निभाते-निभाते उम्र गुजर जाती है
और लोग कहते हैं कि जिंदगी आसान होती है !!

Ghar ki jimmedari shayari

उम्र से नहीं, जिम्मेदारियों से बड़ा हुआ हूं मैं
हालात ने जो सिखाया,
वही सीखा हूं मैं !!

Ghar ki jimmedari shayari

घर के उजाले का ज़िम्मा है मुझपर..
अब डगमगाने लगे चराग़, तो जलना पड़ रहा है मुझे….

ये जो जिम्मेदारियां हैं
ना बड़ी बद्तमीज़ हैं,
ख़्वाहिशों को कैसे
समझौतों में बदल देती हैं….

Ghar ki jimmedari shayari

घर की जिम्मेदारी निभाना इबादत जैसा काम है,
क्योंकि इसमें अपनों के लिए सच्चा प्यार होता है।

जिम्मेदारी निभाने वालों को लोग कभी भूलते नहीं,
उनकी इज्जत हर रिश्ते और
हर जगह होती है।

ज़िन्दगी ने बहुत कौशीशें की मुझे रुलाने की,
मगर ऊपर वाले ने जिम्मेदारी
उठा रखी है मुझे हँसाने की….

Ghar ki jimmedari shayari

दिल कहता है मर जाऊँ तेरी जुदाई में,
पर जिम्मेदारियों ने मेरे
हाथ जकड़ रखे हैं….

Ghar ki jimmedari shayari on life

काम होता तो कब का ही ख़त्म हो चुका होता,
ये तो जिम्मेदारी ही है, जो हमेशा ही बढ़ती ही जा रही है….

समंदर से ख़ामोश रहकर उठाता हूँ जिम्मेदारी,
वरना शहर डुबोने का
सलीका तो हम भी जानते हैं….

Ghar ki jimmedari shayari

चाहतें सबकी हैं पर वक्त नहीं है अब किसी के भी पास ⏳
ज़िम्मेदारी ने बांध रखे हैं सारे साँस 🫁

छोटी उम्र में बड़ा हो जाता है,
जब घर का सहारा वही बन जाता है।

कंधों पर बोझ है, मगर शिकायत नहीं
जिम्मेदारियां हैं, कोई सजा नहीं !!

Ghar ki jimmedari shayari

मैं खो नहीं सकता चाहे भीड कितनी भारी है
पहुंचना हैं मंजिल पर क्योंकि सर पर जिम्मेदारी है !!

घर की जिम्मेदारियां इंसान को
वक्त से पहले बड़ा बना देती हैं
मुस्कुराते चेहरे के पीछे कई दर्द छुपा देती हैं !!

इक उम्र ख्वाहिशों के
लिए भी नसीब हो,
ये वाली तो बस…. जिम्मेदारियों में ही गुज़र गई….

कुछ इसलिए भी
ख्वाईशो को मार देता हूँ
माँ कहती है घर की जिम्मेदारी है
तुझ पर।

Ghar ki jimmedari shayari 2 line hindi

परिवार की जिम्मेदारी निभाते-निभाते ये जाना
अपनों की खुशी से बढ़कर इस जीवन में नहीं कोई खजाना !!

परिवार के लिए जो इंशान हर एक मुश्किल से लड़ जाता है
वही असली जिम्मेदार इंसान कहलाता है !!

बेटा कमाए या बेटी कमाए,
घर की जिम्मेदारी सभी मिलकर निभाएं।

इंसान की असली परिपक्वता तब दिखाई देती है,
जब वह परिवार की जिम्मेदारी उठाता है।

हर कदम पर जिम्मेदारी परीक्षा लेती है,
मगर हर परीक्षा
इंसान को मजबूत बना देती है।

जो अपने लिए कम
और अपनों के लिए ज्यादा जीता है,
वही परिवार के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं होता।

जिम्मेदारियां हर दिन जिंदगी का नया सबक सिखाती हैं,
और संघर्षों के बीच
इंसान को मजबूत बनाती हैं।

Ghar ki jimmedari shayari hindi

जब से सिर पर पारिवारिक ज़िम्मेदारी आई
मस्ती कम, समझदारी ज़्यादा नज़र आई !!

जिम्मेदारियों का बोझ भारी जरूर होता है
मगर परिवार का प्यार उसे हल्का कर देता है !!

मोहब्बत करने वाले हज़ार मिल जायेंगे,
मानेंगे तब जब आप जिम्मेदारी निभाएंगे।

क्या बेचकर हम खरेदें तुझे ऐं ज़िन्दगी,
सब कुछ तो हमारा गिरवी पड़ा है जिम्मेदारी के बाज़ार में

जो अपनी जिम्मेदारियां और फर्ज़ निभाता है
वो इंसान नहीं,
मिसाल बन जाता है !!

जिम्मेदारियों का बोझ पीठ पर पसीना दे जाएगा,
दिल तुम्हारा कभी यू मचलेगा Jab बारिश में भीगने को….

घर की जरूरतों ने हमें पहले से ज्यादा समझदार बना दिया
जिम्मेदारियों ने वक्त से पहले बड़ा बना दिया !!

जिम्मेदारियां निभाते-निभाते ये हुनर आ गया
दर्द कितना भी हो, पर मुस्कान आ गया !!

Jimmedari Par Shayari on Life

कंधा झुका हुआ है मेरा, लेकिन मेरी उम्र बड़ी नहीं है..
आज समझ में आया,
जिम्मेदारी से बड़ा कोई बोझ नहीं है….

अक्सर लोगों में तभी समझदारी आती है
जब कन्धों पर घर की सभी जिम्मेदारी आती है !!

जब से सिर पर घर की ज़िम्मेदारी आई
मस्ती कम, समझदारी ज़्यादा नज़र आई !!

ज़िम्मेदारी का बोझ नहीं, ये तो सम्मान है
घर संभालना हर बेटे-बेटी का अभिमान है !!

कुछ इस लिए भी ख़्वाहिशों को मार देता हूँ,
माँ कहती है- घर की जिम्मेदारी है तुझपर….

थक कर रुक जाऊँ, ऐसा इरादा नहीं। 🙂
फ़र्ज़ से पीछे हटना, मुझे गवारा नहीं। 🚶‍♂️

जिम्मेदारियां के आगे कई बार
सपने हार जाते है।

जिम्मेदारी हर इंसान को बदल देती है,
मासूमियत छीनकर मजबूत बना देती है।

अपने सपनों को छोड़ देता है,
जो घर का सहारा बन जाता है।

घर की जिम्मेदारी शायरी 2 Line

आज के समय में सभी लोग 2 लाइन शायरी के दीवाने है और ज्यादातर लोगों को 2 लाइन शायरी पढ़ने का शौक भी है। उन्हें पढ़ कर समझना बहुत आसान होता है। इस पोस्ट में हमने घर की जिम्मेदारी शायरी 2 लाइन भी शामिल करी है। यह घर की जिम्मेदारी पर लिखी गई 2 लाइन शायरी आपको बहुत ज्यादा पसंद आएगी।

जिम्मेदारी की कीमत बड़ी होती है,
ये हर रिश्ते को गहरी जोड़ती है।

त्याग से ही घर संभलता है,
जिम्मेदारी से ही प्यार पलता है।

घर के हर कोने में जब हमे मेहनत दिखती है,
जिम्मेदारी की पहचान वहीं मिलती है।

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